ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 244244.2श्रीरामचरितमानस 244.2जेहि लखि लखनहु तें अधिक मिले मुदित मुनिराउ। सो सीतापति भजन को प्रगट प्रताप प्रभाउ ॥243॥पिछलापूरा अध्याय