ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 205205.2श्रीरामचरितमानस 205.2अरथ न धरम न काम रुचि गति न चहउँ निरबान। जनम जनम रति राम पद यह बरदानु न आन ॥204॥पिछलापूरा अध्याय