ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 202202.3श्रीरामचरितमानस 202.3अंतरजामी रामु सकुच सप्रेम कृपायतन। चलिअ करिअ बिश्रामु यह बिचारि दृढ़ आनि मन ॥201॥पिछलापूरा अध्याय