ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 196196.2श्रीरामचरितमानस 196.2समुझि मोरि करतूति कुलु प्रभु महिमा जियँ जोइ। जो न भजइ रघुबीर पद जग बिधि बंचित सोइ ॥195॥पिछलापूरा अध्याय