ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 177177.3श्रीरामचरितमानस 177.3भरतु कमल कर जोरि धीर धुरंधर धीर धरि। बचन अमिअँ जनु बोरि देत उचित उत्तर सबहि ॥176॥पिछलापूरा अध्याय