ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 11.4श्रीरामचरितमानस 1.4श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि।।पिछलापूरा अध्याय