ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 8989.2श्रीरामचरितमानस 89.2सकल सुरन्ह के हृदयँ अस संकर परम उछाहु। निज नयनन्हि देखा चहहिं नाथ तुम्हार बिबाहु ॥88॥पिछलापूरा अध्याय