ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 7171.2श्रीरामचरितमानस 71.2अस कहि नारद सुमिरि हरि गिरिजहि दीन्हि असीस। होइहि यह कल्यान अब संसय तजहु गिरीस ॥70॥पिछलापूरा अध्याय