ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 7070.2श्रीरामचरितमानस 70.2जौं अस हिसिषा करहिं नर जड़ि बिबेक अभिमान। परहिं कलप भरि नरक महुँ जीव कि ईस समान ॥69॥पिछलापूरा अध्याय