Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 66.2

सदा सुमन फल सहित सब द्रुम नव नाना जाति।
प्रगटीं सुंदर सैल पर मनि आकर बहु भाँति ॥65॥

पूरा अध्याय