ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 5555.2श्रीरामचरितमानस 55.2सती बिधात्री इंदिरा देखीं अमित अनूप। जेहिं जेहिं बेष अजादि सुर तेहि तेहि तन अनुरूप ॥54॥पिछलापूरा अध्याय