ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 5050.2श्रीरामचरितमानस 50.2अति विचित्र रघुपति चरित जानहिं परम सुजान। जे मतिमंद बिमोह बस हृदयँ धरहिं कछु आन ॥49॥पिछलापूरा अध्याय