Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 49.3

संकर उर अति छोभु सती न जानहिं मरमु सोइ।।
तुलसी दरसन लोभु मन डरु लोचन लालची ॥48(ख)॥

पूरा अध्याय