ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 4444.3श्रीरामचरितमानस 44.3अब रघुपति पद पंकरुह हियँ धरि पाइ प्रसाद । कहउँ जुगल मुनिबर्ज कर मिलन सुभग संबाद ॥43(ख)॥पिछलापूरा अध्याय