ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 44.3श्रीरामचरितमानस 4.3संत सरल चित जगत हित जानि सुभाउ सनेहु। बालबिनय सुनि करि कृपा राम चरन रति देहु ॥3(ख)॥पिछलापूरा अध्याय