ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 3939.2श्रीरामचरितमानस 39.2जे श्रद्धा संबल रहित नहि संतन्ह कर साथ। तिन्ह कहुँ मानस अगम अति जिन्हहि न प्रिय रघुनाथ ॥38॥पिछलापूरा अध्याय