ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 362362.3श्रीरामचरितमानस 362.3सिय रघुबीर बिबाहु जे सप्रेम गावहिं सुनहिं। तिन्ह कहुँ सदा उछाहु मंगलायतन राम जसु ॥361॥पिछलापूरा अध्याय