ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 356356.2श्रीरामचरितमानस 356.2लरिका श्रमित उनीद बस सयन करावहु जाइ। अस कहि गे बिश्रामगृहँ राम चरन चितु लाइ ॥355॥पिछलापूरा अध्याय