ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 355355.2श्रीरामचरितमानस 355.2सुतन्ह समेत नहाइ नृप बोलि बिप्र गुर ग्याति। भोजन कीन्ह अनेक बिधि घरी पंच गइ राति ॥354॥पिछलापूरा अध्याय