ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 353353.2श्रीरामचरितमानस 353.2बधुन्ह समेत कुमार सब रानिन्ह सहित महीसु। पुनि पुनि बंदत गुर चरन देत असीस मुनीसु ॥352॥पिछलापूरा अध्याय