ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 332332.2श्रीरामचरितमानस 332.2बार बार कौसिक चरन सीसु नाइ कह राउ। यह सबु सुखु मुनिराज तव कृपा कटाच्छ पसाउ ॥331॥पिछलापूरा अध्याय