Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 326.6

मुदित अवधपति सकल सुत बधुन्ह समेत निहारि।
जनु पार महिपाल मनि क्रियन्ह सहित फल चारि ॥325॥

पूरा अध्याय