ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 324324.4श्रीरामचरितमानस 324.4होम समय तनु धरि अनलु अति सुख आहुति लेहिं। बिप्र बेष धरि बेद सब कहि बिबाह बिधि देहिं ॥323॥पिछलापूरा अध्याय