Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 311.2

बारहिं बार सनेह बस जनक बोलाउब सीय।
लेन आइहहिं बंधु दोउ कोटि काम कमनीय ॥310॥

पूरा अध्याय