ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 3131.2श्रीरामचरितमानस 31.2मै पुनि निज गुर सन सुनी कथा सो सूकरखेत। समुझी नहि तसि बालपन तब अति रहेउँ अचेत ॥30(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय