ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 304304.2श्रीरामचरितमानस 304.2मंगलमय कल्यानमय अभिमत फल दातार। जनु सब साचे होन हित भए सगुन एक बार ॥303॥पिछलापूरा अध्याय