ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 303303.2श्रीरामचरितमानस 303.2तुरग नचावहिं कुँअर बर अकनि मृदंग निसान।। नागर नट चितवहिं चकित डगहिं न ताल बँधान ॥302॥पिछलापूरा अध्याय