ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 292292.2श्रीरामचरितमानस 292.2सुनहु महीपति मुकुट मनि तुम्ह सम धन्य न कोउ। रामु लखनु जिन्ह के तनय बिस्व बिभूषन दोउ ॥291॥पिछलापूरा अध्याय