ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 286286.2श्रीरामचरितमानस 286.2देवन्ह दीन्हीं दुंदुभीं प्रभु पर बरषहिं फूल। हरषे पुर नर नारि सब मिटी मोहमय सूल ॥285॥पिछलापूरा अध्याय