ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 283283.2श्रीरामचरितमानस 283.2बार बार मुनि बिप्रबर कहा राम सन राम। बोले भृगुपति सरुष हसि तहूँ बंधु सम बाम ॥282॥पिछलापूरा अध्याय