ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 280280.2श्रीरामचरितमानस 280.2गर्भ स्त्रवहिं अवनिप रवनि सुनि कुठार गति घोर। परसु अछत देखउँ जिअत बैरी भूपकिसोर ॥279॥पिछलापूरा अध्याय