ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 274274.2श्रीरामचरितमानस 274.2जो बिलोकि अनुचित कहेउँ छमहु महामुनि धीर। सुनि सरोष भृगुबंसमनि बोले गिरा गभीर ॥273॥पिछलापूरा अध्याय