ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 271271.2श्रीरामचरितमानस 271.2सभय बिलोके लोग सब जानि जानकी भीरु। हृदयँ न हरषु बिषादु कछु बोले श्रीरघुबीरु ॥270॥पिछलापूरा अध्याय