ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 263263.2श्रीरामचरितमानस 263.2बंदी मागध सूतगन बिरुद बदहिं मतिधीर। करहिं निछावरि लोग सब हय गय धन मनि चीर ॥262॥पिछलापूरा अध्याय