ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 254254.2श्रीरामचरितमानस 254.2तोरौं छत्रक दंड जिमि तव प्रताप बल नाथ। जौं न करौं प्रभु पद सपथ कर न धरौं धनु भाथ ॥253॥पिछलापूरा अध्याय