ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 252252.2श्रीरामचरितमानस 252.2कुअँरि मनोहर बिजय बड़ि कीरति अति कमनीय। पावनिहार बिरंचि जनु रचेउ न धनु दमनीय ॥251॥पिछलापूरा अध्याय