ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 247247.2श्रीरामचरितमानस 247.2जानि सुअवसरु सीय तब पठई जनक बोलाई। चतुर सखीं सुंदर सकल सादर चलीं लवाईं ॥246॥पिछलापूरा अध्याय