ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 245245.2श्रीरामचरितमानस 245.2सब मंचन्ह ते मंचु एक सुंदर बिसद बिसाल। मुनि समेत दोउ बंधु तहँ बैठारे महिपाल ॥244॥पिछलापूरा अध्याय