ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 244244.2श्रीरामचरितमानस 244.2कुंजर मनि कंठा कलित उरन्हि तुलसिका माल। बृषभ कंध केहरि ठवनि बल निधि बाहु बिसाल ॥243॥पिछलापूरा अध्याय