ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 237237.3श्रीरामचरितमानस 237.3जानि गौरि अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि। मंजुल मंगल मूल बाम अंग फरकन लगे ॥236॥पिछलापूरा अध्याय