ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 235235.2श्रीरामचरितमानस 235.2देखन मिस मृग बिहग तरु फिरइ बहोरि बहोरि। निरखि निरखि रघुबीर छबि बाढ़इ प्रीति न थोरि ॥234॥पिछलापूरा अध्याय