ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 231231.2श्रीरामचरितमानस 231.2सिय सोभा हियँ बरनि प्रभु आपनि दसा बिचारि। बोले सुचि मन अनुज सन बचन समय अनुहारि ॥230॥पिछलापूरा अध्याय