ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 230230.2श्रीरामचरितमानस 230.2सुमिरि सीय नारद बचन उपजी प्रीति पुनीत।। चकित बिलोकति सकल दिसि जनु सिसु मृगी सभीत ॥229॥पिछलापूरा अध्याय