ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 228228.2श्रीरामचरितमानस 228.2बागु तड़ागु बिलोकि प्रभु हरषे बंधु समेत। परम रम्य आरामु यहु जो रामहि सुख देत ॥227॥पिछलापूरा अध्याय