ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 227227.2श्रीरामचरितमानस 227.2उठे लखन निसि बिगत सुनि अरुनसिखा धुनि कान।। गुर तें पहिलेहिं जगतपति जागे रामु सुजान ॥226॥पिछलापूरा अध्याय