ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 226226.2श्रीरामचरितमानस 226.2सभय सप्रेम बिनीत अति सकुच सहित दोउ भाइ। गुर पद पंकज नाइ सिर बैठे आयसु पाइ ॥225॥पिछलापूरा अध्याय