ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 222222.2श्रीरामचरितमानस 222.2बिप्रकाजु करि बंधु दोउ मग मुनिबधू उधारि। आए देखन चापमख सुनि हरषीं सब नारि ॥221॥पिछलापूरा अध्याय