ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 2222.2श्रीरामचरितमानस 22.2राम नाम मनिदीप धरु जीह देहरी द्वार। तुलसी भीतर बाहेरहुँ जौं चाहसि उजिआर ॥21॥पिछलापूरा अध्याय