ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 219219.2श्रीरामचरितमानस 219.2जाइ देखी आवहु नगरु सुख निधान दोउ भाइ। करहु सुफल सब के नयन सुंदर बदन देखाइ ॥218॥पिछलापूरा अध्याय