ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 218218.2श्रीरामचरितमानस 218.2रिषय संग रघुबंस मनि करि भोजनु बिश्रामु। बैठे प्रभु भ्राता सहित दिवसु रहा भरि जामु ॥217॥पिछलापूरा अध्याय